संतोषी माता व्रत की चमत्कारी कहानी
🌼 व्रत का दिन
- हर शुक्रवार
- कम से कम 16 शुक्रवार या मनोकामना पूर्ण होने तक
🪔 व्रत की विधि
- शुक्रवार सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- घर के पूजा स्थान में संतोषी माता की तस्वीर/मूर्ति स्थापित करें।
- माता को गुड़ और चना अर्पित करें।
- दीपक जलाकर व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
- अंत में संतोषी माता की आरती करें।
🚫 व्रत के नियम
- व्रत के दिन खट्टे पदार्थ (नींबू, इमली, दही, अचार आदि) न खाएँ।
- खट्टा न स्वयं खाएँ, न किसी को दें।
- मन में श्रद्धा, संतोष और संयम रखें।
🍽️ व्रत का पारण
- शाम को कथा-आरती के बाद
- गुड़-चना या सादा भोजन ग्रहण करें
🌸 व्रत का फल
- घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
- कष्ट, दरिद्रता और कलह दूर होते हैं।
- सच्चे मन से किया गया व्रत मनोकामना पूर्ण करता है।
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