रविवार व्रत का महत्व
सूर्य अर्घ्य का धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व
- सूर्य देव नवग्रहों के राजा हैं; इन्हें अर्घ्य देने से ग्रह-दोष शांति होती है।
- प्रातःकालीन सूर्य किरणें औषधीय मानी गई हैं, जो शरीर और मन दोनों को ऊर्जा देती हैं।
- नियमित अर्घ्य से नेत्र, त्वचा, हृदय, हड्डी संबंधी समस्याओं में लाभ होता है।
⏰ सूर्य अर्घ्य देने का सही समय
✅ सर्वोत्तम (श्रेष्ठ) समय
- सूर्योदय से 1 घंटे के भीतर
- सामान्यतः प्रातः 5:30 से 7:00 बजे (स्थानीय सूर्योदय के अनुसार)
➡️ इस समय दिया गया अर्घ्य सबसे अधिक फलदायी होता है।
✔️ स्वीकार्य (वैकल्पिक) समय
- सूर्योदय के बाद दोपहर 12 बजे से पहले
- यदि किसी कारणवश जल्दी अर्घ्य न दे पाएं तो यह समय भी मान्य है।
❌ अर्घ्य देने का गलत समय
- दोपहर 12 बजे के बाद
- सूर्यास्त के बाद
- संध्या या रात्रि में
➡️ इन समयों में अर्घ्य देने से शास्त्रीय फल नहीं मिलता।
🛁 अर्घ्य से पहले की तैयारी
- ब्रह्ममुहूर्त में उठें
- स्नान कर स्वच्छ रहें
- लाल, केसरिया या सफेद वस्त्र धारण करें
- मन को शांत रखें, क्रोध और नकारात्मक विचार त्यागें
🕉️ सूर्य अर्घ्य की संपूर्ण विधि (Step by Step)
1️⃣ आवश्यक सामग्री
- तांबे का लोटा
- शुद्ध जल
- लाल फूल
- रोली (कुमकुम)
- अक्षत (चावल)
2️⃣ दिशा का ध्यान
- खुले स्थान (छत/आंगन) में खड़े हों
- पूर्व दिशा की ओर मुख करें
- उगते सूर्य को सामने रखें
3️⃣ अर्घ्य देने की विधि
- तांबे के लोटे में जल भरें
- उसमें लाल फूल, रोली और अक्षत डालें
- दोनों हाथों से जल सूर्य की ओर धीरे-धीरे अर्पित करें
- जल गिरते हुए सूर्य की ओर दृष्टि रखें
मंत्र उच्चारण करें:
👉 “ॐ घृणि सूर्याय नमः”
➡️ यह मंत्र सूर्य देव को शीघ्र प्रसन्न करता है।
4️⃣ मंत्र जप
अर्घ्य के बाद शांत मन से 108 बार इनमें से किसी एक मंत्र का जप करें—
- “ॐ सूर्याय नमः”
- “ॐ आदित्याय नमः”
5️⃣ दीपक व नैवेद्य
- मंदिर या सूर्य देव के सामने घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं
- गुड़, गेहूं या लाल फल नैवेद्य रूप में अर्पित करें
🛐 रविवार व्रत के नियम (अधिक फल हेतु)
- नमक रहित भोजन करें
- सूर्यास्त के बाद भोजन करें
- झूठ, क्रोध और अहंकार से बचें
- पिता, गुरु और बुजुर्गों का सम्मान करें
🌿 विशेष उपाय (सूर्य दोष शांति के लिए)
✔️ रविवार को तांबा, गेहूं या गुड़ का दान
✔️ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ
✔️ रविवार को बाल-दाढ़ी न कटवाएं
✔️ सूर्यास्त के बाद तेल का सेवन न करें
✨ सूर्य अर्घ्य देने के लाभ
- पुराने रोगों में राहत
- आत्मविश्वास और तेज में वृद्धि
- आर्थिक स्थिति में सुधार
- नौकरी-व्यवसाय में उन्नति
- समाज में मान-सम्मान
निष्कर्ष
रविवार को सूर्य अर्घ्य देने का सही समय और विधि अपनाने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह सरल पूजा जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
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