मौनी अमावस्या 2026: कब है
➡️ तिथि: शनिवार, 17 जनवरी 2026
➡️ हिंदू पंचांग के अनुसार: माघ मास की अमावस्या
मौनी अमावस्या को सनातन धर्म में आत्मशुद्धि और आत्मसंयम का पर्व कहा गया है।
इस दिन मौन व्रत रखने से मन, वाणी और विचार शुद्ध होते हैं। मान्यता है कि:
- मौन रखने से हजार अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है
- इस दिन किया गया गंगा स्नान समस्त पापों का नाश करता है
- पितरों के लिए किया गया तर्पण और दान विशेष फलदायी होता है
मौनी अमावस्या 2026 पर क्या करें?
शुभ कार्य
- ब्रह्म मुहूर्त में स्नान (गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में)
- मौन व्रत का पालन
- पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान
- गरीबों, साधुओं और ब्राह्मणों को दान
- “ॐ नमः शिवाय” या “गायत्री मंत्र” का जप
- ध्यान और आत्मचिंतन
क्या न करें?
- क्रोध, कटु वचन और विवाद से बचें
- झूठ, निंदा और अपशब्दों का प्रयोग न करें
- तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें
मौनी अमावस्या और गंगा स्नान
मौनी अमावस्या का सबसे बड़ा महत्व पवित्र स्नान से जुड़ा है।
प्रयागराज, हरिद्वार, काशी जैसे तीर्थों में इस दिन लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं।
यह दिन विशेष रूप से कुंभ और माघ मेले से भी जुड़ा हुआ है।
मौनी अमावस्या 2026 का आध्यात्मिक लाभ
- मानसिक शांति और आत्मबल की वृद्धि
- पितृ दोष और ग्रह दोष में शांति
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
- मोक्ष मार्ग की ओर एक कदम
कष्ट निवारण में सोमवर व्रत की भूमिका
