शुक्रवार को संतोषी माता की पूजा कैसे करें? जानें पूरी विधि
शुक्रवार को संतोषी माता की पूजा कैसे करें? जानें पूरी विधि
शुक्रवार का दिन संतोषी माता की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। नीचे दी गई है संपूर्ण और सरल पूजा विधि, जिसे अपनाकर आप घर पर ही श्रद्धा से पूजा कर सकते हैं।
1. व्रत का संकल्प
शुक्रवार की सुबह जल्दी उठें, स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद हाथ में जल लेकर संतोषी माता का व्रत रखने का संकल्प लें।
मन में यह भावना रखें कि आप सच्चे मन से माता की पूजा कर रहे हैं।
2. पूजा स्थान की तैयारी
घर के साफ और शांत स्थान पर पूजा की व्यवस्था करें। एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर संतोषी माता की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
साथ में एक जल से भरा कलश भी रखें।
3. पूजन सामग्री
पूजा के लिए निम्न सामग्री रखें:
- गुड़ और चना (मुख्य प्रसाद)
- धूप, दीपक
- फूल और माला
- रोली, अक्षत
- नारियल (इच्छानुसार)
ध्यान रखें कि इस व्रत में खट्टा (खटाई) का प्रयोग नहीं किया जाता।
4. पूजा विधि
सबसे पहले दीपक जलाएं और धूप दिखाएं।
इसके बाद माता को रोली और अक्षत अर्पित करें।
फूल चढ़ाएं और श्रद्धा से प्रार्थना करें।
फिर गुड़ और चने का भोग लगाएं।
पूजा के दौरान संतोषी माता की कथा सुनना या पढ़ना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
5. संतोषी माता व्रत कथा
पूजा के समय व्रत कथा का पाठ करें। कथा सुनने से व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है।
कथा के अंत में “संतोषी माता की जय” बोलकर माता का आशीर्वाद लें।
6. आरती
कथा के बाद संतोषी माता की आरती करें।
आरती के समय पूरे परिवार के साथ भक्ति भाव से माता का स्मरण करें।
7. प्रसाद वितरण
पूजा के बाद गुड़ और चने का प्रसाद सभी में बांटें और स्वयं भी ग्रहण करें।
इस दिन खट्टा भोजन बिल्कुल न करें, यह व्रत का सबसे महत्वपूर्ण नियम है।
8. व्रत के नियम
- व्रत लगातार 16 शुक्रवार तक करना शुभ माना जाता है
- खट्टा भोजन न खाएं और न ही किसी को खिलाएं
- क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें
- जरूरतमंदों को दान देना बहुत पुण्यकारी होता है
9. व्रत का उद्यापन
16वें शुक्रवार को व्रत का उद्यापन करें।
इस दिन 8 बच्चों को भोजन कराएं और उन्हें गुड़-चना का प्रसाद दें।
इससे माता अत्यंत प्रसन्न होती हैं।
10. पूजा के लाभ
- घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है
- आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं
- मनोकामनाएं पूरी होती हैं
- परिवार में प्रेम और संतोष बना रहता है
निष्कर्ष:
शुक्रवार को संतोषी माता की पूजा सच्चे मन और नियमों के साथ करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। इस व्रत का मूल भाव “संतोष” है, इसलिए हमेशा संतुष्ट और शांत मन से पूजा करें, तभी माता की कृपा प्राप्त होती है।
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