शनिवार के दिन तिल का तेल चढ़ाने की सही विधि क्या है?
1️⃣ समय
- सुबह स्नान करके या
- सूर्यास्त के बाद (शनि देव की पूजा के लिए यह समय श्रेष्ठ माना जाता है)
2️⃣ स्थान
- शनि मंदिर में शनि देव की मूर्ति पर
- या पीपल के वृक्ष के नीचे
- या घर में शनि देव की प्रतिमा/चित्र के सामने
3️⃣ आवश्यक सामग्री
- शुद्ध काला तिल का तेल
- लोहे का दीपक (श्रेष्ठ माना जाता है)
- काले तिल
- नीले या काले फूल
- धूप–दीप
4️⃣ विधि
- दीपक में तिल का तेल डालें
- उसमें काले तिल डालें
- दीपक जलाकर शनि देव के सामने रखें
- तेल अर्पित करते समय मन शांत रखें और श्रद्धा रखें
5️⃣ मंत्र (कोई एक बोलें)
- “ॐ शं शनैश्चराय नमः” (108 बार या कम से कम 11 बार)
या - “नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम् ।
छायामार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम् ॥”
6️⃣ विशेष ध्यान रखने योग्य बातें
- तेल चढ़ाते समय पीछे मुड़कर न देखें
- दान या पूजा के बाद सीधे घर जाएँ
- उस दिन शराब, मांस, झूठ और क्रोध से बचें
- काले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है
7️⃣ लाभ
- शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या में राहत
- कार्यों में आ रही रुकावटें कम होती हैं
- जीवन में स्थिरता और न्याय मिलता है
हनुमान व्रत से जीवन में सुख-शांति
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शनिवार के दिन तिल का तेल चढ़ाने की सही विधि क्या है?
शनिवार के दिन तिल का तेल चढ़ाने की सही विधि क्या है?
