होली और भक्त प्रह्लाद की अमर कथा
होली और भक्त प्रह्लाद की अमर कथा
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भक्ति, विश्वास और सत्य की विजय का पावन पर्व है। इस पर्व के पीछे जुड़ी है भक्त प्रह्लाद की अमर कथा, जो हमें अटूट श्रद्धा और भगवान पर विश्वास का संदेश देती है।
👑 हिरण्यकश्यप का अहंकार
प्राचीन काल में एक अत्याचारी असुर राजा था – हिरण्यकश्यप। उसने कठोर तपस्या कर ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त किया कि वह न किसी मनुष्य से मरेगा, न पशु से; न दिन में, न रात में; न धरती पर, न आकाश में; न किसी अस्त्र से, न शस्त्र से।
इस वरदान के कारण वह अत्यंत घमंडी हो गया और स्वयं को भगवान मानने लगा। उसने राज्य में आदेश दिया कि कोई भी भगवान विष्णु की पूजा नहीं करेगा।
🙏 प्रह्लाद की अटूट भक्ति
लेकिन हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु का परम भक्त था। अनेक यातनाएँ देने के बावजूद उसका विश्वास अडिग रहा।
राजा ने उसे पहाड़ से गिरवाया, हाथियों से कुचलवाने की कोशिश की, विष पिलाया—पर हर बार भगवान ने उसकी रक्षा की।
🔥 होलिका दहन की घटना
हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। उसने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने का षड्यंत्र रचा।
लेकिन ईश्वर की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई।
👉 इसी घटना की स्मृति में होलिका दहन मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
🦁 नरसिंह अवतार की लीला
अंततः भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण किया—आधा मनुष्य, आधा सिंह।
उन्होंने संध्या समय (न दिन, न रात), चौखट पर (न धरती, न आकाश), अपने नखों से (न अस्त्र, न शस्त्र) हिरण्यकश्यप का वध कर दिया।
इस प्रकार भगवान ने अपने भक्त की रक्षा की और अधर्म का अंत किया।
✨ होली का आध्यात्मिक संदेश
- सच्ची भक्ति में अपार शक्ति होती है।
- अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है।
- ईश्वर अपने सच्चे भक्त की रक्षा अवश्य करते हैं।
- विश्वास और प्रेम से ही जीवन में सच्ची विजय मिलती है।
🌈 निष्कर्ष
होली हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि हमारे हृदय में सच्ची भक्ति और विश्वास है, तो ईश्वर हमारी रक्षा अवश्य करते हैं।
इसलिए होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति और सत्य की अमर विजय का उत्सव है। 🙏🌸
होली और भक्त प्रह्लाद की अमर कथा
होली और भक्त प्रह्लाद की अमर कथा
होली और भक्त प्रह्लाद की अमर कथा
