होलीका दहन के समय चंद्र ग्रहण का प्रभाव और ग्रहण शुरू होने का समय
होलीका दहन के समय चंद्र ग्रहण का प्रभाव और ग्रहण शुरू होने का समय
साल 2026 में होली के अवसर पर एक विशेष संयोग बन रहा है। 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जो फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ेगा — इसी तिथि को होलिका दहन भी किया जाता है।
🌕 चंद्र ग्रहण 2026 – शुरू होने का समय (भारतीय समय अनुसार)
- 🔹 ग्रहण प्रारंभ (Penumbral) – दोपहर 3:20 बजे IST
- 🔹 आंशिक ग्रहण – लगभग 4:34 बजे IST
- 🔹 पूर्ण चंद्र ग्रहण (Totality) – लगभग 5:41 बजे से 6:17 बजे तक
- 🔹 ग्रहण समाप्त – लगभग 6:47 बजे IST
👉 भारत में चंद्रमा लगभग 6:15–6:30 बजे शाम के बीच उदित होगा, इसलिए चंद्रमा उदय के समय वह पहले से ही ग्रहण की स्थिति में दिखाई देगा।
🔮 होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
1️⃣ सूतक काल
- चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है।
- यानी सुबह लगभग 6:20 बजे से सूतक प्रभावी हो सकता है।
- सूतक के दौरान विवाह, हवन, पूजा जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2️⃣ होलिका दहन का मुहूर्त
- परंपरानुसार होलिका दहन भद्रा रहित समय में किया जाता है।
- क्योंकि 3 मार्च को दोपहर से ग्रहण शुरू हो रहा है, कई पंचांगों के अनुसार
✅ 2 मार्च 2026 की शाम को होलिका दहन करना अधिक उपयुक्त माना जा सकता है (स्थानीय मुहूर्त के अनुसार)।
3️⃣ धार्मिक मान्यता
- ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और दान पुण्य को शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और घर की शुद्धि की जाती है।
- गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है (परंपरागत मान्यता)।
🌟 क्या यह दुर्लभ संयोग है?
हाँ, होली के दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण का संयोग बहुत कम देखने को मिलता है। इसी कारण 2026 की होली खगोलीय और धार्मिक दोनों दृष्टि से विशेष मानी जा रही है।
यदि आप अपना शहर का नाम बताएँ, तो मैं वहाँ के अनुसार
🔹 चंद्र उदय का सटीक समय
🔹 होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
भी बता सकता हूँ।
होलीका दहन के समय चंद्र ग्रहण का प्रभाव और ग्रहण शुरू होने का समय
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