गुप्त नवरात्रि Day 1: जानें किस देवी की पूजा का विधान
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन (प्रतिपदा तिथि) माता देवी शैलपुत्री की पूजा का विधान है। यह दिन साधना की शुरुआत और शक्ति जागरण का प्रतीक माना जाता है।
🌸 पहले दिन किस देवी की पूजा करें?
👉 मां शैलपुत्री
- ये नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं
- हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है
- वृषभ (बैल) इनका वाहन है
- दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल धारण करती हैं
🕉️ पूजा का विधान (Day 1)
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- पूजा स्थान पर घटस्थापना (कलश स्थापना) करें
- मां शैलपुत्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
- कुमकुम, चावल, पुष्प, धूप-दीप अर्पित करें
- दूध या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं
- मंत्र जप और ध्यान करें
📿 मंत्र
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
(इस मंत्र का 108 बार जाप विशेष फलदायी माना जाता है)
✨ गुप्त नवरात्रि में विशेष महत्व
- गुप्त नवरात्रि में पूजा शांत, एकांत और गुप्त साधना के रूप में की जाती है
- साधक शक्ति, सिद्धि और आत्मिक उन्नति के लिए साधना करते हैं
- पहले दिन की सही पूजा से पूरे नवरात्रि की साधना सफल मानी जाती है
🌼 लाभ
- मानसिक शांति
- आत्मबल में वृद्धि
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश
- साधना में स्थिरता
