गणेश चतुर्थी 2025: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
गणेश चतुर्थी 2025 : शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
📅 गणेश चतुर्थी 2025 की तिथि व शुभ मुहूर्त
- तिथि: शुक्रवार, 29 अगस्त 2025
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 28 अगस्त 2025, रात 11:06 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अगस्त 2025, रात 08:41 बजे
- पूजा का शुभ मुहूर्त (मध्याह्नकालीन पूजा): 29 अगस्त 2025, प्रातः 11:05 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक
🙏 गणेश चतुर्थी पूजा विधि
- प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के पूजा स्थान को साफ कर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएँ और उस पर गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- कलश स्थापना करें और गणेश जी का आवाहन करें।
- श्री गणेश जी को सिंदूर, दूर्वा, लाल फूल, मोदक, लड्डू और पान अर्पित करें।
- गणेश अथर्वशीर्ष, गणपति स्तोत्र या गणेश मंत्रों का जप करें।
- गणेश जी की आरती करें और परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें।
- व्रत करने वाले दिन केवल सात्विक भोजन करें।
🌺 गणेश चतुर्थी का महत्व
- भगवान गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माने जाते हैं।
- इस दिन गणपति की स्थापना और पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं।
- धन, बुद्धि, विद्या और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- यह पर्व विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भव्य रूप से मनाया जाता है।
- 10 दिनों तक गणपति उत्सव मनाने के बाद अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।
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गणेश चतुर्थी मनाने के लाभ
1. विघ्नों का नाश
भगवान गणेश को “विघ्नहर्ता” कहा जाता है। गणेश चतुर्थी के व्रत और पूजा करने से जीवन में आने वाली रुकावटें, कठिनाइयाँ और बाधाएँ दूर होती हैं।
2. बुद्धि और विवेक की प्राप्ति
गणपति जी “बुद्धि के देवता” हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से स्मरणशक्ति, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
3. परिवार में सुख-शांति
गणेश चतुर्थी का व्रत करने से घर-परिवार में आपसी प्रेम, सामंजस्य और शांति बनी रहती है।
4. धन-समृद्धि की प्राप्ति
गणपति जी को “सिद्धि विनायक” भी कहा जाता है। पूजा से घर में लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
5. कार्यों में सफलता
गणेश जी को हर कार्य का प्रथम पूज्य माना गया है। गणेश चतुर्थी पर पूजा करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।
6. संतान सुख
इस दिन गणेश जी की आराधना से दंपत्ति को योग्य संतान का आशीर्वाद मिलता है।
7. स्वास्थ्य लाभ
गणेश चतुर्थी के पर्व पर गणपति जी को दूर्वा, मोदक और बेलपत्र चढ़ाने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा होता है।
8. आध्यात्मिक उन्नति
गणेश जी की भक्ति से मन में सकारात्मक विचार आते हैं और व्यक्ति का ध्यान आध्यात्मिक मार्ग की ओर बढ़ता है।
9. इच्छाओं की पूर्ति
भक्त सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करें तो उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
10. संकटों से रक्षा
गणपति जी की पूजा से जीवन में अचानक आने वाले संकट टल जाते हैं और परिवार सुरक्षित रहता है।
11. विद्या व ज्ञान की प्राप्ति
छात्र और शिक्षा से जुड़े लोग विशेष रूप से गणेश चतुर्थी की पूजा करके विद्या और ज्ञान में प्रगति पाते हैं।
12. रिश्तों में मधुरता
यह व्रत करने से परिवार और समाज में रिश्ते मजबूत होते हैं और आपसी प्रेम बढ़ता है।
13. आत्मविश्वास में वृद्धि
गणपति जी की कृपा से मनुष्य में आत्मविश्वास और साहस का संचार होता है।
14. कार्यक्षेत्र में उन्नति
व्यवसाय और नौकरी में प्रगति प्राप्त होती है और अटके हुए कार्य सफल होते हैं।
15. पापों का नाश
गणेश चतुर्थी पर सच्चे मन से पूजा करने से पिछले जन्मों और वर्तमान जीवन के दोष और पाप मिटते हैं।
16. भाग्य की वृद्धि
गणपति बप्पा की कृपा से व्यक्ति का भाग्य प्रबल होता है और जीवन में शुभ अवसर प्राप्त होते हैं।
17. संकल्प शक्ति की वृद्धि
भक्ति से मनुष्य की इच्छाशक्ति मजबूत होती है और वह अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त करता है।
18. घर में सकारात्मक ऊर्जा
पूजा-पाठ और गणपति स्थापना से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
19. सामाजिक सद्भाव
गणेश चतुर्थी का पर्व समाज में एकता, प्रेम और सहयोग की भावना को बढ़ाता है।
20. मोक्ष की प्राप्ति
गणपति जी की कृपा से भक्त को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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गणेश चतुर्थी 2025: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
