होली केवल बाहरी रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे अंतरमन को प्रेम, विश्वास और भक्ति से रंगने का अवसर है। जब जीवन में ईश्वर के प्रति समर्पण का रंग चढ़ जाता है, तो हर दिन होली जैसा आनंदमय बन जाता है।
🔥 होलिका दहन का संदेश
होलिका दहन हमें याद दिलाता है कि अहंकार, ईर्ष्या और नकारात्मकता को त्यागकर हमें सत्य और धर्म का मार्ग अपनाना चाहिए। जैसे भक्त प्रह्लाद ने कठिन परिस्थितियों में भी भगवान विष्णु पर अटूट विश्वास रखा, वैसे ही हमें भी जीवन में दृढ़ भक्ति रखनी चाहिए।
🎨 भक्ति के सच्चे रंग
- प्रेम का रंग – सबके प्रति करुणा और अपनापन।
- विश्वास का रंग – हर परिस्थिति में ईश्वर पर भरोसा।
- क्षमा का रंग – मन की कटुता को दूर करना।
- सेवा का रंग – जरूरतमंदों की सहायता करना।
- आनंद का रंग – हर क्षण को ईश्वर का प्रसाद मानकर जीना।
जब ये रंग हमारे जीवन में घुल जाते हैं, तब सच्ची होली मनाई जाती है।
🌿 राधा-कृष्ण की प्रेममयी होली
ब्रज की होली हमें सिखाती है कि भगवान कृष्ण और राधा का प्रेम केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है।
भक्ति का अर्थ है – अपने मन को ईश्वर के चरणों में समर्पित कर देना।
✨ इस होली का संकल्प
- मन के द्वेष को जलाएँ
- प्रेम और शांति को अपनाएँ
- भगवान का नाम जपें
- परिवार और समाज में सद्भाव फैलाएँ
🌈 निष्कर्ष
इस होली बाहरी रंगों के साथ-साथ अपने हृदय को भी भक्ति, प्रेम और विश्वास के रंगों से रंगें। जब मन शुद्ध होगा, तो जीवन स्वयं एक सुंदर उत्सव बन जाएगा।
