इस साल होली की सही तारीख क्या है?
📅 होली 2026 की सही तारीख
- 🔥 होलिका दहन: 3 मार्च 2026 (मंगलवार) – शाम
- 🎨 रंगों वाली होली (धुलेंडी): 4 मार्च 2026 (बुधवार)
होली हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। पूर्णिमा की रात को होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगों से होली खेली जाती है।
🔥 होलिका दहन का महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसकी कथा का संबंध है:
- हिरण्यकश्यप – एक अहंकारी असुर राजा
- प्रह्लाद – उसका भगवान विष्णु भक्त पुत्र
- होलिका – हिरण्यकश्यप की बहन, जिसे आग से न जलने का वरदान था
कथा के अनुसार, होलिका ने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठकर उसे जलाने की कोशिश की। लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गई।
👉 इसलिए होलिका दहन अहंकार और अधर्म के अंत का प्रतीक है।
🎨 रंगों वाली होली का महत्व
अगले दिन रंगों से होली खेली जाती है। यह प्रेम, भाईचारे और खुशी का त्योहार है।
इस दिन लोग:
- एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं
- मिठाइयाँ बाँटते हैं
- ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य करते हैं
होली का संबंध भगवान कृष्ण और राधा की लीलाओं से भी जुड़ा है। कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने ब्रज में राधा और गोपियों के साथ रंग खेलकर होली की परंपरा शुरू की।
📍 कहाँ की होली सबसे प्रसिद्ध है?
- मथुरा – श्रीकृष्ण की जन्मभूमि
- वृंदावन – फूलों और भक्ति की होली
- बरसाना – लठमार होली के लिए प्रसिद्ध
- वाराणसी – पारंपरिक और सांस्कृतिक होली
इन स्थानों पर होली कई दिनों तक मनाई जाती है।
🌕 ज्योतिषीय महत्व
- होली फाल्गुन पूर्णिमा को आती है।
- यह सर्दियों के अंत और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
- इस दिन चंद्रमा पूर्ण अवस्था में होता है, जिसे शुभ माना जाता है।
🍬 पारंपरिक व्यंजन
- गुजिया
- मालपुआ
- ठंडाई
- दही भल्ले
✨ निष्कर्ष
होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि:
- बुराई पर अच्छाई की जीत
- प्रेम और भाईचारे का संदेश
- वसंत ऋतु का स्वागत
- धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव
इस साल होली की सही तारीख क्या है?
इस साल होली की सही तारीख क्या है?
