इस साल होलिका दहन कब मनाया जाएगा?
इस साल होलिका दहन 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को मनाया जाएगा। यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात को होता है। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च 2026 (बुधवार) को रंगों की होली खेली जाएगी।
🕯️ होलिका दहन का शुभ मुहूर्त (संभावित)
होलिका दहन हमेशा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में किया जाता है, जब पूर्णिमा तिथि विद्यमान हो।
2026 में अनुमानित शुभ समय:
- शाम लगभग 6:20 बजे से रात 8:50 बजे तक
(सटीक समय शहर के अनुसार थोड़ा बदल सकता है)
यदि आप अपने शहर का नाम बताएँगे तो मैं वहाँ का सटीक मुहूर्त बता सकता हूँ।
📖 होलिका दहन का धार्मिक महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और दैत्यराज हिरण्यकश्यप के अहंकार की कथा से जुड़ा है।
कथा के अनुसार:
- हिरण्यकश्यप स्वयं को भगवान मानता था।
- उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था।
- क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से प्रह्लाद को अग्नि में बैठाने को कहा।
- होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान था, लेकिन दुरुपयोग के कारण वह जल गई और प्रह्लाद सुरक्षित रहे।
इसी घटना की स्मृति में होलिका दहन किया जाता है।
🔥 होलिका दहन की परंपराएँ
- लकड़ी और उपलों का ढेर बनाकर पूजा की जाती है।
- गेहूं की बालियाँ, नारियल और अन्य सामग्री अग्नि में अर्पित की जाती है।
- लोग अग्नि की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
- इसे नकारात्मक ऊर्जा और बुराइयों को जलाने का प्रतीक माना जाता है।
🌈 सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
- यह पर्व आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देता है।
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामूहिक रूप से मनाया जाता है।
- इसके साथ ही होलाष्टक की समाप्ति भी मानी जाती है।
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