1️⃣ भगवान विष्णु की विशेष कृपा का दिन
शास्त्रों के अनुसार इस दिन आंवले (आमलकी) के वृक्ष में स्वयं भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए आंवले के वृक्ष के नीचे पूजन, दीपदान और जप करने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
यह व्रत भक्त को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति में सहायक माना गया है।
2️⃣ पौराणिक महत्व
पद्म पुराण में वर्णित कथा के अनुसार अमला एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। यहाँ तक कि अनजाने में किया गया व्रत भी शुभ फल देता है।
इस व्रत का प्रभाव इतना महान बताया गया है कि यह हजारों अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल प्रदान करता है।
3️⃣ आंवला वृक्ष का आध्यात्मिक महत्व
आंवला (आमलकी) को हिंदू धर्म में पवित्र वृक्ष माना गया है।
- इसे लक्ष्मी का प्रिय फल कहा गया है।
- आयुर्वेद में इसे अमृत तुल्य माना गया है।
- धार्मिक मान्यता है कि इसमें देवताओं का निवास होता है।
अमला एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से रोगों का नाश और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
4️⃣ मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी
एकादशी व्रत का मुख्य उद्देश्य मन और इंद्रियों पर नियंत्रण है।
अमला एकादशी विशेष रूप से मोक्षदायी मानी गई है। जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम से यह व्रत करता है, उसे जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
5️⃣ सुख-समृद्धि और संतान सुख
इस व्रत से:
- घर में सुख-शांति आती है।
- आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
- संतान की प्राप्ति या संतान की उन्नति के लिए यह व्रत फलदायी माना गया है।
6️⃣ आध्यात्मिक उन्नति का अवसर
अमला एकादशी केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का अवसर है।
- उपवास से शरीर शुद्ध होता है।
- जप और ध्यान से मन शांत होता है।
- दान और सेवा से पुण्य बढ़ता है।
यह दिन सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है।
7️⃣ अन्य एकादशियों से क्यों अलग?
- इसमें आंवला वृक्ष की विशेष पूजा होती है।
- यह फाल्गुन मास में आती है, जो स्वयं ही शुभ और पुण्यदायी माना गया है।
- होली के पूर्व आने के कारण इसे पवित्रता और नवआरंभ का प्रतीक भी माना जाता है।
निष्कर्ष
अमला एकादशी का महत्व केवल व्रत रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, श्रद्धा, सेवा और भक्ति का संगम है। भगवान विष्णु की कृपा, पापों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति के लिए यह एक अत्यंत विशेष और शुभ एकादशी मानी जाती है।
