अगर जीवन में है दुख और संघर्ष, तो शनि देव को करें प्रसन्न
जब जीवन में बार-बार दुख, संघर्ष, रुकावटें और असफलताएँ आने लगें, तो यह शनि देव की परीक्षा मानी जाती है। शनि देव कर्मों के न्यायाधीश हैं और सच्चे कर्म, धैर्य व अनुशासन से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
शनिवार को शनि देव की पूजा, सरसों के तेल का दीपक, काले तिल का दान, “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप और जरूरतमंदों की सेवा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।
शनि देव को प्रसन्न करने से जीवन के दुख-दर्द कम होते हैं, संघर्ष समाप्त होने लगते हैं और धीरे-धीरे शांति, स्थिरता व सफलता का मार्ग खुलता है।
शनि देव की पूजा का महत्व
शनि देव को कर्मफल दाता कहा जाता है। वे व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं और जीवन को सही दिशा में ले जाने का कार्य करते हैं। जब जीवन में दुख, संघर्ष, देरी और बाधाएँ बढ़ जाती हैं, तब शनि देव की पूजा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शनि देव की आराधना से मनुष्य में धैर्य, अनुशासन और आत्मबल का विकास होता है। यह पूजा नकारात्मक प्रभावों को कम करती है और व्यक्ति को अपने कर्म सुधारने की प्रेरणा देती है। शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव शांत होता है।
शनि देव की कृपा से जीवन में न्याय, स्थिरता, मानसिक शांति और सफलता आती है। सच्चे मन से की गई शनि पूजा न केवल कष्टों को दूर करती है, बल्कि व्यक्ति को जीवन की कठिन परिस्थितियों में मजबूती से खड़ा रहना भी सिखाती है।
बृहस्पतिवार पर दीपक जलाने से पहले जान लें शुभ दिशा
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अगर जीवन में है दुख और संघर्ष, तो शनि देव को करें प्रसन्न
अगर जीवन में है दुख और संघर्ष, तो शनि देव को करें प्रसन्न
