हनुमान जी की पूजा से सारे कष्ट दूर
हनुमान जी को संकटमोचन, बजरंगबली और महावीर कहा जाता है। वे भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त, अपार शक्ति, अटूट विश्वास और निष्काम सेवा के प्रतीक हैं। शास्त्रों और जनमानस में यह दृढ़ विश्वास है कि
हनुमान जी का नाम लेते ही भय, नकारात्मकता और दुर्भाग्य दूर होने लगते हैं। हनुमान चालीसा में स्पष्ट कहा गया है—
“नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा”
अर्थात हनुमान जी का निरंतर स्मरण करने से रोग, दुख और पीड़ा का नाश होता है।
आज के समय में मनुष्य तनाव, भय, चिंता और अस्थिरता से घिरा रहता है। हनुमान जी की पूजा से मन को अद्भुत शांति मिलती है। वे साहस और आत्मबल प्रदान करते हैं, जिससे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना निडर होकर कर पाता है।
हनुमान जी की आराधना से मानसिक तनाव, भय, अनिद्रा और नकारात्मक विचारों में कमी आती है।
जीवन में जब कार्य बार-बार अटकने लगें, सफलता दूर लगने लगे या शत्रु बाधा डालें, तब हनुमान जी की भक्ति अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने से कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और बिगड़े काम बनने लगते हैं।
हनुमान जी को बुरी शक्तियों, नज़र दोष और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करने वाला देव माना गया है।
हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करने से घर और मन दोनों पवित्र रहते हैं और नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।
हनुमान जी की पूजा केवल कष्ट दूर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, सेवा भाव, विनम्रता और शक्ति का संचार करती है।
जो व्यक्ति श्रद्धा, विश्वास और नियम से हनुमान जी की उपासना करता है, उसके जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सफलता का मार्ग खुलता है।
हनुमान जी सच्चे भक्तों से शीघ्र प्रसन्न होते हैं। उन्हें आडंबर नहीं, बल्कि शुद्ध मन, सच्ची निष्ठा और राम नाम का स्मरण प्रिय है।
हनुमान जी की शरण में जाने वाला भक्त कभी अकेला नहीं रहता—वे हर संकट में रक्षा करते हैं।
हनुमान व्रत से जीवन में सुख-शांति
