बुधवार को गणेश जी की विशेष पूजा विधि
बुधवार को गणेश जी की पूजा विधि
1. समय और स्थान
- समय: बुधवार का शुभ समय (संध्या या प्रातःकाल)
- स्थान: घर के पूजा स्थल या किसी साफ स्थान पर गणेश जी की प्रतिमा या चित्र
2. सामग्री
- गणेश जी की प्रतिमा या चित्र
- लाल या पीला कपड़ा
- फूल (विशेष रूप से लाल या गुलाब के फूल)
- दूर्वा (जड़ी-बूटी)
- हल्दी और चंदन
- लाल रंग का अक्षत (चावल)
- दीपक और मोमबत्ती
- अगरबत्ती
- मिठाई (लड्डू या फल)
- जल, गंगाजल (यदि उपलब्ध हो)
3. पूजा की विधि
- स्वच्छता और तैयारी:
- पहले अपने शरीर को साफ करके, हाथ-पैर धोकर पूजा स्थल को साफ करें।
- लाल या पीले कपड़े से चौकी सजाएँ।
- गणेश जी की स्थापना:
- प्रतिमा या चित्र को कपड़े पर रखें।
- हल्दी, चंदन और अक्षत से तिलक करें।
- दीप और अगरबत्ती प्रज्वलित करें:
- दीपक और अगरबत्ती जलाएँ।
- इससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
- फूल और दूर्वा अर्पित करें:
- गणेश जी को फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- दूर्वा विशेष रूप से बुधवार और गणेश पूजा में महत्वपूर्ण है।
- मंत्र का जाप:
- आप मंत्र का 11 या 108 बार जाप कर सकते हैं:
“ॐ गं गणपतये नमः” - जाप करते समय पूरे मन से गणेश जी की आराधना करें।
- आप मंत्र का 11 या 108 बार जाप कर सकते हैं:
- प्रसाद अर्पित करें:
- लड्डू, मिठाई या फल गणेश जी को अर्पित करें।
- इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें।
- आरती और समापन:
- पूजा के अंत में गणेश जी की आरती करें।
- दीपक को अपनी ओर ले जाकर गणेश जी का आशीर्वाद लें।
विशेष टिप्स
- बुधवार को गणेश जी की पूजा करने से विघ्नों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और मन की शांति मिलती है।
- अगर संभव हो तो संतान या परिवार के सभी सदस्य साथ में पूजा करें।
- पूरे मन और श्रद्धा से पूजा करना सबसे महत्वपूर्ण है।
रविवार को चंद्र दर्शन से खुले सौभाग्य के द्वार
