तीज व्रत पर लाल चुनरी दान का महत्व
🌺 तीज व्रत पर लाल चुनरी दान का महत्व 🌺
हरितालिका तीज व्रत का विशेष संबंध सुहाग और अखंड सौभाग्य से माना जाता है। इस दिन सुहागिन स्त्रियाँ माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
🔸 लाल चुनरी का महत्व
- लाल रंग को माँ पार्वती और माँ दुर्गा का प्रिय रंग माना जाता है।
- यह रंग सौभाग्य, शक्ति, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है।
- लाल चुनरी चढ़ाने या दान करने से माता पार्वती शीघ्र प्रसन्न होती हैं।
🔸 दान का फल
- तीज व्रत के दिन सुहागिन स्त्रियों को लाल चुनरी दान करने से दांपत्य जीवन सुखी और मंगलमय होता है।
- अविवाहित कन्याओं को चुनरी दान करने से उन्हें योग्य वर की प्राप्ति होती है।
- इससे घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।
- दान से पुण्य मिलता है और जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं।
👉 इसलिए हरितालिका तीज पर लाल चुनरी का दान अखंड सौभाग्य और देवी कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम उपाय माना गया है।
🌺 तीज व्रत पर लाल चुनरी दान का महत्व और लाभ 🌺
हरितालिका तीज व्रत का मुख्य उद्देश्य अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करना है। इस दिन लाल चुनरी का दान विशेष शुभ माना गया है।
🔶 लाल चुनरी का धार्मिक महत्व
- लाल रंग का प्रतीक – यह रंग शक्ति, सौंदर्य, प्रेम और समृद्धि का द्योतक है।
- माँ पार्वती की प्रिय वस्तु – लाल चुनरी चढ़ाने या दान करने से माता पार्वती प्रसन्न होकर अखंड सौभाग्य का वरदान देती हैं।
- सुहाग का प्रतीक – लाल चुनरी को सुहागिनों के शृंगार में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसका दान विशेष पुण्यकारी होता है।
🔶 तीज पर लाल चुनरी दान करने से मिलने वाले लाभ
- अखंड सौभाग्य की प्राप्ति – इस दान से सुहागिन महिलाओं को दीर्घायु और स्वस्थ पति का आशीर्वाद मिलता है।
- दांपत्य जीवन में मधुरता – चुनरी दान करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
- अविवाहित कन्याओं के लिए फलदायी – यदि अविवाहित कन्याओं को लाल चुनरी दान की जाए तो उन्हें शीघ्र योग्य वर प्राप्त होता है।
- सुख-समृद्धि में वृद्धि – घर में स्थायी सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
- मनोकामनाओं की पूर्ति – चुनरी दान से मन में संकल्पित इच्छाएँ पूर्ण होने की संभावना बढ़ती है।
- पापों से मुक्ति – यह दान न केवल पुण्य प्रदान करता है, बल्कि पिछले जन्मों और वर्तमान जीवन के दोषों को भी शांत करता है।
- माता पार्वती की कृपा – विशेष रूप से स्त्रियों पर देवी की कृपा बनी रहती है, जिससे जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
- सौंदर्य और आत्मविश्वास की वृद्धि – ऐसा माना जाता है कि यह दान स्त्रियों के जीवन में आंतरिक और बाहरी सौंदर्य की वृद्धि करता है।
- परिवारिक कलह का अंत – यदि परिवार में आपसी मतभेद या कलह हो, तो लाल चुनरी दान से शांति स्थापित होती है।
- आध्यात्मिक उन्नति – यह दान आत्मा को शुद्ध करता है और भक्ति की राह पर आगे बढ़ने में मदद करता है।
👉 इस प्रकार तीज व्रत पर लाल चुनरी का दान अखंड सौभाग्य, पारिवारिक सुख और देवी कृपा प्राप्त करने का सरलतम और प्रभावी उपाय माना गया है।
तीज व्रत में काँच की चूड़ियाँ दान क्यों करें
https://www.youtube.com/@bhaktikibhavnaofficial
इन गलतियों से बचेंज
इन गलतियों से बचेंज
